Sehwag PX
रिलायंस टू व्हीलर इन्शुरन्स
  • बाइक की क्षति से सुरक्षा
  • व्यक्तिगत दुर्घटना के खिलाफ कवरेज
  • 1,00,000 + संतुष्ट ग्राहक

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मध्यमवर्गीय जनता की जीवनरेखा का काम करने के अलावा, दुपहिया मोटरबाइक देश में कहीं आने जाने का सबसे सुविधाजनक और आसान तरीका हैं। जनता के बीच बहुमत का स्थान होने के कारण, भारत में टू व्हीलर यातायात के साधन के रूप में व्यापक रूप से पसंद किए जाते हैं। इसलिए टू व्हीलर रखने वाले लोगों की संख्या बहुत ज़्यादा है।

हालांकि, बाइक और दूसरे दुपहिया वाहनों की इन्शुरन्स करवाने के बारे में जागरूकता बहुत ही निराशाजनक है। सच्चाई यह है कि नज़रिए में यह ढीलापन सिर्फ टू व्हीलर इन्शुरन्स के बारे में ही नहीं है, बल्कि हर तरह की सवारी वाली संपत्ति के बारे में है। अगर इन्शुरन्स के कागज़ को एक महत्वपूर्ण दस्तावेज़ की तरह रखना अनिवार्य नहीं होता तो कोई भी इस पर ज़्यादा ध्यान केंद्रित नहीं करता।

लेकिन अनभिज्ञता की बात एक तरफ, यहां यह बताना ज़रूरी है कि वाहनों और बाइकों को एक इन्शुरन्स कवर से सुरक्षित करना बहुत सारे कारणों से आवश्यक है।

सबसे पहले यह आपको किसी भी दुर्भाग्यपूर्ण घटना या दुर्घटना के लिए पहले से तैयार रहने में मदद करती है। कोई भी व्यक्ति इन दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं का पहले से अनुमान लगाने के काबिल नहीं होता। इसलिए सभी कठिनाइयों के लिए तैयार रहना बुद्धिमानी है।

सतर्क रहने और एक इन्शुरन्स पॉलिसी के बारे में पूरी जानकारी होने के बारे में बात करें तो, एक हर तरह से अच्छे और कम्प्रेहैन्सिव टू व्हीलर इन्शुरन्स पैकेज से लैस होना ज़रूरी है। और ऐसी इन्शुरन्स सहायता के लिए एक ही सेवा प्रदाता है वह है रिलायंस टू व्हीलर इन्शुरन्स।

रिलायंस कैपिटल का एक भाग, रिलायंस इन्शुरन्स नॉन लाइफ इन्शुरन्स क्षेत्रों जैसे टू व्हीलर, फोर व्हीलर और अन्य इन्शुरन्स जनरल तत्वों में कवर प्रदान करती है। यह जनरल इन्शुरन्स बिज़नेस की अग्रणी कंपनियों में से एक है।

रिलायंस टू व्हीलर इन्शुरन्स पॉलिसियों के अंतर्गत दी जाने वाली कवरेज की सीमा

रिलायंस टू व्हीलर इन्शुरन्स के अंतर्गत एक साधारण इन्शुरन्स प्लान दुर्घटनाओं या दूसरे कारणों से होने वाले नुकसान या क्षति की शुरुआत करने वाली स्थिति के लिए कवर प्रदान करता है। इसके अलावा क्षतियों की वजह से हो रहे अतिरिक्त खर्चे के नुकसान के भुगतान तक ही कवर नहीं मिलता बल्कि यदि कोई मालिक या थर्ड पार्टी लायबिलिटी है तो उसके लिए भी मिलता है।

इसलिए यह प्लान आपको इन कारणों से होने वाली क्षतियों या नुकसानों के लिए भी सुरखा प्रदान करता है:-

प्राकृतिक आपदाएं जैसे

  • चक्रवाती तूफ़ान
  • अंधड़
  • बिजली गिरना
  • बाढ़
  • भूकंप
  • पानी भरना

मानव निर्मित आपदाएं जैसे

  • सड़क, रेल, वायु या लिफ्ट से ले जाते समय क्षति
  • दुर्घटना
  • खुद जलना
  • दुर्भावनापूर्ण कार्य
  • दंगे या अन्य सामाजिक उपद्रव
  • हड़तालें
  • चोरी
  • आतंकवाद
  • आग की दुर्घटनाएं
  • धमाके

कौन से पहलू प्लान के अंतर्गत कवर नहीं होते

इन्शुरन्स सेवा प्रदाता की ओर से कई अपवाद रखे गए हैं। निम्नलिखित घटनाओं की स्थिति में इन्शुरन्स प्राप्त व्यक्ति किसी प्रकार के नुकसान की भरपाई का दावा नहीं कर सकता। ये अपवाद हैं:-

  • बिजली या यांत्रिकी संबंधी खराबी
  • वाहन की सामान्य टूट फूट और घिसाई
  • वाहन का कंपनी द्वारा तय सीमाओं से बाहर प्रयोग
  • वाहन किसी अयोग्य चालाक द्वारा चलाया जाना यानी बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस वाले व्यक्ति द्वारा
  • शराब या अन्य नशीली दवाओं के असर में गाडी चलाने की वजह से हुआ नुकसान
  • वाहन की कीमत में डेप्रिसिएशन की वजह से हुआ नुकसान।
  • बाद वाले नुकसान कवरेज में शामिल नहीं होते यानी नुकसान की वजह से होने वाला नुकसान। इस स्थिति में, सिर्फ मूल नुकसान का ही कवर मिलता है।
  • अनिवार्य कटौती राशिओं को बीमाकर्ता से क्लेम नहीं किया जा सकता। इसका मतलब है एक नियत राशि जो बाइक या स्कूटर का क्लेम लेते समय घटा दी जाती है।

रिलायंस टू व्हीलर इन्शुरन्स पॉलिसीस के प्रकार

रिलायंस की टू व्हीलर इन्शुरन्स पॉलिसियों के दो प्रकार हैं।

एक है पैकेज पॉलिसी और दूसरी है थर्ड पार्टी लायबिलिटी ओनली पॉलिसी।

थर्ड पार्टी लायबिलिटी ओनली पॉलिसी क़ानून द्वारा अनिवार्य है। इसमें इन्शुरन्स किए गए वाहन द्वारा किसी थर्ड पार्टी या उसके वाहन को हुए नुकसान को कवर किया जाता है। थर्ड पार्टी टू व्हीलर को हुए नुकसान का क्लेम फोर व्हीलर की तरह ले सकती है। लेकिन इन्शुरन्स पाया व्यक्ति अपने वाहन या खुद को हुए नुकसान के लिए क्लेम नहीं ले सकता।

पैकेज पालिसी एक कम्प्रेहैन्सिव इन्शुरन्स प्लान है जिसमें थर्ड पार्टी लायबिलिटी ओनली पॉलिसी के सभी पहलू तो होते ही हैं साथ ही जनरल इन्शुरन्स प्लान की विशेषताएं भी होती हैं। इसीलिए, इसे पैकेज पालिसी कहते हैं। इस प्लान के अंतर्गत इन्शुरन्स पाए व्यक्ति को खुद या वाहन को होने वाले हर प्रकार के नुकसान या क्षति के लिए सुरक्षा मिलती है।

रिलायंस टू व्हीलर इन्शुरन्स के लाभ

पॉलिसी में उपलब्ध शुरूआती विशेषताएं ये हैं:

  1. पॉलिसियां दक्षता से और आसानी से खरीदी  हैं। ग्राहकों को प्लान ऑनलाइन खरीदने की सुविधा उपलब्थ है। इसलिए, आप पेटीएम, नेटबैंकिंग और प्लास्टिक कार्डों का इस्तेमाल करके ऑनलाइन पॉलिसियां खरीद और प्रीमियम का भुगतान कर सकते हैं।
  2. पॉलिसी खरीदने में होने वाला कागज़ी काम बहुत अच्छी तरह से सुव्यवस्थित है। इसलिए आपके वाहन की इन्शुरन्स होने में किसी तरह की परेशानी या देरी नहीं होती।
  3. क्लेम सेटलमेंट प्रक्रिया में किसी प्रकार की कमियां या पेशीदगियाँ नहीं हैं। यह आसान है और क्षति और नुकसान की भरपाई तुरंत होती है।
  4. उन गैराजों पर कैशलेस क्लेम की सुविधा है जो कंपनी के विशेष गेराज नेटवर्क का हिस्सा हैं जिन्हें कंपनी ने चुना है।
  5. प्रीमियम का हिसाब वाहन की आइडीवी यानी इंश्योर्ड डिक्लेयर्ड वैल्यू की मदद से लगाया जाता है। अलग अलग सेवा प्रदाता वाहनों के आइडीवी का कैलकुलेशन अलग अलग तरीके से करते हैं। तो अलग अलग कंपनियों में प्रीमियम अलग हो सकता है। हिसाब लगाए गए प्रीमियम की राशि इंश्योर्ड डिक्लेयर्ड वैल्यू के सीधे अनुपात में होती है।

अतिरिक्त कवर

अपनी ज़रूरत और बजट के हिसाब से पॉलिसी बनाना संभव है। पॉलिसी की मूल विशेषताओं को पालिसी में कुछ और विशेषताएं जोड़ कर बढ़ाया जा सकता है। ज़ाहिर है ऐसी अतिरिक्त विशेषताएं पाने के लिए अतिरिक्त प्रीमियम देने की आवश्यकता होती है।

तो दो वैकल्पिक अतिरिक्त कवर जो पालिसी में जोड़े जा सकते हैं वे हैं

निल डेप्रिसिएशन कवर: प्रीमियम की राशि को थोड़ा और बढ़ाने से आप निल डेप्रिसिएशन पालिसी का अतिरिक्त कवर ले सकते हैं। यह पॉलिसी डेप्रिसिएशन के आधार पर ज़ीरो डिडक्शन के संबंध में है। इसका मतलब है बीमाधारक का क्लेम बिना किसी कटौती के पूरा दिया जाएगा। किसी बड़े क्लेम की स्थिति में, जिसमें क्लेम की राशि बहुत ज़्यादा हो सकती है, यह विशेषता बहुत लाभप्रद साबित हो सकती है।

इस कवर की विशेषताएं हैं -

  • वाहन के वे पुर्ज़े जो रबर, नायलॉन या फाइबरग्लास से बने हैं, उन्हें कवर किया जाएगा।
  • उन वाहनों के लिए भी कवरेज मिलती है जो दो साल या उस से कम पुराने हैं।
  • इस अतिरिक्त कवर के अंतर्गत रबर की एक्सेसरीज जैसे ट्यूब और टायर कवर नहीं होती।
  • चोरी के क्लेम और कंस्ट्रक्टिव टोटल लॉस कवर नहीं होते।
  • भुगतान तभी किया जाता है अगर वाहन की मरम्मत कंपनी द्वारा तय किए गए नेटवर्क के गैराजों में से एक में करवाई जाती है।
  • वाहन के वे स्पेयर पार्ट जो बीमाकर्ता द्वारा स्वीकृत नहीं हैं, उन्हें फेंक दिया जाएगा और इन्शुरन्स की शर्तों में शामिल नहीं किया जाएगा।

पर्सनल एक्सीडेंट बंडल कवर: यह पालिसी मृत्यु या स्थायी पूर्ण विकलांगता की स्थिति में वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है। इस पर ध्यान दिए बिना कि दुर्घटना किस स्थान पर हुई या वाहन कौन चला रहा था, क्लेम स्वीकार कर लिया जाता है।

क्षति की मात्रा के आधार पर क्लेम की राशि अलग हो सकती है।

इन्शुरन्स की गई पूँजी रकम 5 लाख रुपये होती है।

मृत्यु या स्थायी पूर्ण विकलांगता, दोनों आँखों की दृष्टि जाने या दो अंग खोने या एक आँख की दृष्टि जाने और एक अंग खोने की स्थति में 100% क्षतिपूर्ति की जाती है। एक आँख की दृष्टि जाने या एक अंग का नुकसान होने पर 50% क्षतिपूर्ति की जाती है।

अतिरिक्त कवर लेना बहुत आवश्यक है क्योंकि यह किसी भी मूल इन्शुरन्स कवर का हिस्सा नहीं होता।

नो क्लेम बोनस और छूटें

अगर किसी साल में कोई क्लेम ना हो तो छूटें प्रदान की जाती हैं। छूटों की अनुसूची नीचे दी गई है:-

साल

छूट

1  क्लेम फ्री साल

20%

2 लगातार  क्लेम फ्री साल

25%

3 लगातार  क्लेम फ्री साल

35%

4 लगातार  क्लेम फ्री साल

45%

5 लगातार  क्लेम फ्री साल

50%

एक ऐच्छिक कटौती की सुविधा भी है। इसका मतलब है कि बीमाधारक एक कम से कम राशि का भुगतान करना चुनता है और बाकी की राशि बीमाकर्ता वहन करता है। जितना ज़्यादा बीमाधारक की ऐच्छिक कटौती होगी प्रीमियम उतना ही कम होगा। तो प्रभावी रूप से, प्रीमियम में छूट मिल जाती है। कटौती और छूट का विवरण नीचे दिया गया है:-

ऐच्छिक कटौती

छूट प्रतिशत

आईएनआर 500

5% (50 रुपये तक)

आईएनआर 750

10% (75 रुपये तक)

आईएनआर 1000

15% (125 रुपये तक)

आईएनआर 1500

20% (200 रुपये तक)

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