Sehwag PX
यूनाइटेड इंडिया टू व्हीलर इन्शुरन्स
  • बाइक की क्षति से सुरक्षा
  • व्यक्तिगत दुर्घटना के खिलाफ कवरेज
  • 1,00,000 + संतुष्ट ग्राहक

#Virukipolicy | T&C*

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भारत में जहां अधिकतर जनसँख्या एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए टू व्हीलर का इस्तेमाल करती है, 1988 के मोटर व्हीकल एक्ट के सेक्शन 146 द्वारा टू व्हीलर इन्शुरन्स होना अनिवार्य कर दिया गया है।

टू व्हीलर इन्शुरन्स होने से किसी दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना की स्थिति में व्यक्ति कोबहुत सारे पैसे बचाने में मदद मिलती है। यह ना सिर्फ वाहन चलाने वाले और अन्य यात्रियों के खर्चे का ध्यान करती है बल्कि दीर्घतना में शामिल किसी तीसरे व्यक्ति का भी ध्यान रखती है।

यूनाइटेड इंडिया टू व्हीलर इन्शुरन्स क्यों खरीदनी चाहिए

टू व्हीलर इन्शुरन्स एक आवश्यकता है जो हर टू व्हीलर मालिक के पास होनी चाहिए। ऐसी बहुत सारी इन्शुरन्स कंपनियां हैं जो अपनी इन्शुरन्स पॉलिसियों में कई तरह की विशेषताएं प्रदान करती हैं। पॉलिसीx.कॉम ऐसे लोगों के लिए बिलकुल सही जगह है जो अपने लिए बिलकुल सही टू व्हीलर इन्शुरन्स खरीदना चाहते हैं।

यह कंपनी सभी इन्शुरन्स कंपनियों की टू व्हीलर इन्शुरन्स की तुलना करती है और ग्राहक के सामने पेश करती है। इन्शुरन्स की विशेषताएं, उनमें शामिल चीज़ें, अपवाद और टू व्हीलर पालिसी लेने के तरीके सब सूचीबद्ध होते हैं और पॉलिसी।कॉम द्वारा कम्पेयर किए जाते हैं।

प्रत्येक टू व्हीलर की उसकी उम्र और उपयोग पर निर्भर विशेष ज़रूरतें होती हैं, व्यक्ति को इन्शुरन्स खरीदने का निर्णय लेते समय इन ज़रूरतों का ध्यान रखना होता और वाहन के इन्शुरन्स प्लान में शामिल करना होता है।  कंपनियों द्वारा दी जाने वाली टू व्हीलर इन्शुरन्स में कई प्रकार की चीज़ें शामिल की जाती हैं और कई अपवाद होते हैं। एक व्यक्ति को ऐसी सबसे बढ़िया इन्शुरन्स चुननी होती है जो उसके वाहन की सभी ज़रूरतों का ध्यान रखे।

एक टू व्हीलर इन्शुरन्स व्यक्ति और दूसरों को वित्तीय मदद प्रदान करती है और इसलिए अनिवार्य है। यह इन्शुरन्स किसी भी दुर्घटना के कारण होने वाले चिकित्सीय बिलों, वाहन की मरम्मत और संपत्ति को होने वाले नुकसान की ज़िम्मेदारी लेती है। टू व्हीलर इन्शुरन्स ऑनलाइन खरीदने के अलावा पालिसीx.कॉम लोगों को मौजूदा इन्शुरन्स का नवीनीकरण करने में भी मदद करती है।

यूनाइटेड इंडिया टू व्हीलर इन्शुरन्स के लाभों की विशेषताएं

एक इन्शुरन्स कंपनी द्वारा टू व्हीलर इन्शुरन्स में प्रदान की जाने वाली विशेषताएं और लाभ ही उसे अन्य दूसरी इन्शुरन्स कंपनियों से अलग करती हैं। टू व्हीलर इन्शुरन्स कंपनियों द्वारा प्रदान की जाने वाली कुछ सामान विशेषताएं और लाभ इस प्रकार हैं:

  1. प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़, भूकंप, बिजली गिरना, तूफ़ान आदि और मानवीय आपदाओं जैसे डकैती, चोरी और दुर्घटनाओं से होने वाले नुकसान की वजह से इन्शुरन्स किए हुए वाहन की मरम्मत का खर्च।
  2. थर्ड पार्टी लायबिलिटी कवरेज जिसमें इन्शुरन्स हुए वाहन से किसी दुर्घटना में शामिल किसी तीसरे व्यक्ति को होने वाले किसी भी नुकसान की ज़िम्मेदारी लेती है। इसमें आमतौर पर उस व्यक्ति के इलाज का बिल और साथ ही संपत्ति के नुकसान की भरपाई शामिल है।
  3. एक टू व्हीलर इन्शुरन्स पालिसी मुख्य रूप से पॉलिसीधारक के लिए होती है और किसी भी उस अतिरिक्त व्यक्ति के लिए जिसका नाम पॉलिसीधारक ने दिया हो।
  4. एक टू व्हीलर पॉलिसी में अतिरिक्त व्यक्ति भी शामिल होते हैं जो इन्शुरन्स से कवर होते हैं। टू व्हीलर इन्शुरन्स में अतिरिक्त व्यक्ति माना जाने के लिए उस व्यक्ति की उम्र 18 साल या उससे ज़्यादा होनी चाहिए।
  5. प्रत्येक टू व्हीलर इन्शुरन्स के समय की अवधि उस कंपनी पर निर्भर करती है जिससे इन्शुरन्स खरीदी गई है।
  6. सभी टू व्हीलर इन्शुरन्स कंपनियां पॉलिसीधारकों को नो क्लेम बोनस की सुविधा देती हैं। यह विशेषता तब लागू होती है जब पॉलिसीधारक एक साल या उससे ज़्यादा की अवधि में कोई क्लेम नहीं लेता। इससे ग्राहक को छूट मिलती है और जब तक व्यक्ति अपनी इन्शुरन्स पॉलिसी का नियमित रूप से नवीनीकरण करवाता रहता है यह विशेषता लागू की जा सकती है।

टू व्हीलर इन्शुरन्स में शामिल

किसी भी टू व्हीलर इन्शुरन्स खरीदने के इच्छुक व्यक्ति के लिए दो तरह की पॉलिसियां उपलब्ध होती हैं। पहली है थर्ड पार्टी लायबिलिटी इन्शुरन्स पॉलिसी और दूसरी है कम्प्रेहैन्सिव इन्शुरन्स पॉलिसी या ओन डैमेज।

थर्ड पार्टी लायबिलिटी टू व्हीलर इन्शुरन्स का वह हिस्सा है जो किसी तीसरे व्यक्ति कोने वाली जानलेवा या जो जानलेवा नहीं हैं ऐसी चोटों के लिए कवर देता है। यह चोटें व्यक्ति को भी लग सकती हैं और वाहन को भी क्षति पहुँच सकती है। यह इन्शुरन्स केवल तीसरे व्यक्ति के लिए होती है और केवल तीसरे व्यक्ति की ज़रूरतों की ही ज़िम्मेदारी लेती है, लेकिन यह बीमाधारक को कवर नहीं करती।

कम्प्रेहैन्सिव इन्शुरन्स पालिसी वह इन्शुरन्स है जो बीमाधारक के लिए ली जाती है और इसे ओन डैमेज कवर भी कहते हैं। यह इन्शुरन्स कवर विभिन्न परिस्थितियों में ना सिर्फ बीमाधारक कोलगने वाली चोटों की ज़िम्मेदारी लेता है, बल्कि बाइक की मरम्मत की भी ज़िम्मेदारी लेता है। एक कम्प्रेहैन्सिव इन्शुरन्स पालिसी इन्शुरन्स किए हुए टू व्हीलर की विभिन्न परिस्थितियों जैसे प्राकृतिक और मानवीय आपदाओं में मरम्मत की ज़िम्मेदारी लेती है।

प्रकृतिक आपदाओं में बाढ़, तूफ़ान, भूकंप, भूस्खलन, चक्रवर्ती तूफ़ान, बिजली गिरना, खुद जलना, आग, अंधड़ और धमाके शामिल हैं। प्राकृतिक आपदा के मामले में इन्शुरन्स कंपनी इन्शुरन्स किए हुए वाहन की ज़रूरी मरम्मत की ज़िम्मेदारी लेगी। मानवीय आपदाएं जैसे चोरी, दुर्घटना, टक्कर और दुर्भावनापूर्ण कार्य भी इस इन्शुरन्स पालिसी में शामिल हैं।

यूनाइटेड इंडिया टू व्हीलर इन्शुरन्स के अपवाद

किसी कंपनी द्वारा प्रदान की जाने वाली किसी भी टू व्हीलर इन्शुरन्स में एक अपवाद की सूची होती है जो इन्शुरन्स कंपनी द्वारा कवर नहीं किए जाते। टू व्हीलर इन्शुरन्स के कुछ अपवाद इस प्रकार हैं:

  • वाहन की सामान्य टूट फूट और घिसाई से होने वाले नुकसान
  • यांत्रिक या विद्युत खराबी से होने वाले नुकसान।
  • वाहन की डेप्रिसिएशन और नियमित रूप से इस्तेमाल की वजह से वाहन को होने वाले नुकसान।
  • वाहन के नियमित इस्तेमाल से होने वाले बदलाव या नुकसान।
  • वाहन को किसी अन्य उद्देश्य के लिए इस्तेमाल करने से होने वाले नुकसान।
  • जब कोई व्यक्ति बिना लाइसेंस के वाहन चलाता है तो उस वजह से होने वाले नुकसान।
  • यदि कोई व्यक्ति शराब या अन्य नशीली दवाओं के असर में वाहन चलाता है तो उस वजह से होने वाले सारे नुकसान।
  • युद्ध, विद्रोह या किसी प्रकार के नाभिकीय खतरे से वाहन को होने वाला कोई भी नुकसान।

यूनाइटेड इंडिया टू व्हीलर इन्शुरन्स लेने के लिए ज़रूरी दस्तावेज़

एक बार कोई व्यक्ति अपनी ज़रूरत के हिसाब से इन्शुरन्स पॉलिसी चुन लेता है और उसे वह पसंद आती है, तो उसे उस इन्शुरन्स के लिए आवेदन करना होता है। आप या तो इन्शुरन्स कंपनी में जाकर आमने सामने इन्शुरन्स के लिए आवेदन कर सकते हैं या फिर कंपनी के पोर्टलपर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पॉलिसीx.कॉम के माध्यम से व्यक्तियों को सभी इन्शुरन्स कंपनियों की वेबसाइट के एप्लिकेशन पेज पर सीधा पहुँचने की सुविधा मिलती है।

आवेदन फॉर्म भरने और कंपनी वेबसाइट पर या कंपनी को यह जमा करवाने के अलावा,अन्य ज़रूरी दस्तावेज़ जो चाहिए होते हैं वे हैं व्यक्ति का ड्राइविंग लाइसेंस, इन्शुरन्स करवाने वाले वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, व्यक्ति के पते का प्रमाण और उसके बैंक का विवरण।

  • थर्ड पार्टी लायबिलिटी कवर
  • व्हीकल डैमेज कवर
  • पर्सनल एक्सीडेंट कवर
  • पिलियन कवर