Sehwag PX
एसबीआई पर्सनल एक्सीडेंट इन्शुरन्स
  • कवरेज उपलब्ध 10 करोड़ तक
  • टर्म प्लान @ ₹10/प्रतिदिन से शुरू
  • टैक्स लाभ यू /एस 80 सी

#Virukipolicy | T&C*

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एसबीआई जनरल इन्शुरन्स  कंपनी लिमिटेड इंश्योरेंस ऑस्ट्रेलिया ग्रुप और भारतीय स्टेट बैंक के बीच का कोलैबोरेशन है जिसमे एसबीआई और आईएजी का टोटल कैपिटल रेश्यो 74%: 26% है। एसबीआई भारत के बेस्ट बैंक में से एक है। इनकी 19600 से अधिक ब्रांचेज हैं जो शायद पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा है। एसबीआई अब एक नए बैंकिंग मॉडल के साथ टेक्नोलॉजी से जुड़ रहा है। कंपनी का मकसद फेयर बिज़नेस के साथ-साथ इन्शुरन्स मार्किट में विश्वसनीय बनना है।

एसबीआई पर्सनल एक्सीडेंट इन्शुरन्स: अचीवमेंटस

कंपनी ने ऑपरेशन चालू करने के पांचवे साल 2014- 2015 के फाइनेंसियल ईयर में 33% की ग्रोथ दर्ज की। इसके अलावा ग्रॉस रिटन प्रीमियम 1606 करोड़ रुपये रजिस्टर किया गया था। मार्च 2015 के आखिर तक कंपनी 77 शहरों और 2246 कर्मचारियों के साथ ऑपरेट हो रही थी जो एक बड़ी अचीवमेंट है। एसबीआई फैमिली में 14178 एसोसिएटेड बैंक एम्प्लोयी और 6323 एजेंट हैं। अपनी कड़ी मेहनत और विश्वास की वजह से आज ये कंपनी कई कस्टमर्स की पहली पसंद बन गयी है।

एसबीआई पर्सनल एक्सीडेंट: ऑनलाइन फैसिलिटीज

आधुनिक युग में सभी कम्फर्ट और लक्सरी में विश्वास करते है। कस्टमर्स की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, कंपनी ने अपनी ऑनलाइन फैसिलिटीज को उनकी आवश्यकताओं और इच्छाओं से मेल खाने के लिए बेहतर बनाया है। चाहे आपको पेमेंट करना हो या पॉलिसी रिन्यूअल, यह सब एक क्लिक में घर बैठे किया जा सकता है। आप अपना पॉलिसी नंबर डालकर उसका स्टेटस या पॉलिसी के बारे में कोई भी इनफार्मेशन कंपनी की वेबसाइट पर लॉगइन करके ले सकते है। क्रेडिट / डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग से आप प्रीमियम का पेमेंट कर सकते हैं। यूपीआई से पेमेंट का ऑप्शन भी उपलब्ध है। आपके प्रॉब्लम में हेल्प करने या किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए ऑनलाइन एजेंट्स या वेबसाइट एम्प्लॉई 24 x 7 उपलब्ध हैं। सबकुछ ऑनलाइन और ट्रांसपेरेंट होने की वजह से डॉक्यूमेंटेशन का काम काफी कम हो गया है और जरूरत पड़ने पर कंपनी के एजेंट आपके दिए गए टाइम पर घर या ऑफिस में आ जाते है।

एसबीआई पर्सनल एक्सीडेंट प्लान

एक्सीडेंट को अवॉइड नहीं किया जा सकता और ये बहुत सारे फाइनेंसियल प्रोब्लेम्स पैदा करती हैं जिसकी वजह से तनाव या स्ट्रेस हो सकता है। कंपनी के दो तरह के प्लान्स है जिनमे से आप कोई भी ऑप्शन चुन सकते है-

ग्रुप पर्सनल एक्सीडेंट इन्शुरन्स प्लान

यह ग्रुप पॉलिसी उसी एसबीआई या एसोसिएट बैंकों से ली जा सकती है जहाँ उनके एकाउंट्स हों। प्लान लेने के लिए आपकी आयु 18- 65 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसे कोई भी परमानेंट इंडियन रेसिडेंट अपने एसबीआई या उसके एसोसिएट बैंक जहाँ उनका अकाउंट हो से खरीद सकता है। ग्रुप इन्शुरन्स प्लान एक्सीडेंट से होने वाली डेथ के नुकसान को कवर करता है और कस्टमर अपनी जरूरत के अनुसार प्रिंसिपल अमाउंट तय कर सकता है।

इंडिविजुअल पर्सनल एक्सीडेंट इन्शुरन्स प्लान

18 से 65 वर्ष की आयु के लोग जो सैलरीड, सेल्फ एम्पलॉएड, या कोई भी बिज़नेस करते हों इस पॉलिसी का बेनिफिट ले सकते हैं। डेथ, डिसेबिलिटी या एक्सीडेंट के कारण होने वाला इनकम लॉस पॉलिसी में कवर किया गया है। इन्शुरन्स होल्डर की डेथ हो जाने पर 100% कैपिटल अमाउंट परिवार के उस मेंबर को दिया जायेगा जो नॉमिनी है। टोटल / पार्शियल, टेम्पररी या परमानेंट डिसेबिलिटी को पॉलिसी के टर्म्स और कंडीशन में बताये गए अमाउंट का प्रतिशत दिया जाएगा जिसकी डिटेल्स आप पॉलिसी लेने या प्रीमियम भरने के पहले पढ़ते हैं। कैपिटल अमाउंट का 100% केवल परमानेंट टोटल डिसेबिलिटी के मामले में ही दिया जायेगा। टेम्पररी डिसेबिलिटी होने पर पॉलिसी की शर्तों के अनुसार एक्सीडेंट होने के बाद (रिकवरी टाइम) में 104 हफ़्तों के लिए वीकली पेआउट दिया जाएगा। आप कई तरह के कॉम्बिनेशन में प्लान्स चुन सकते हैं जैसे की एक्सीडेंटल डेथ, एक्सीडेंटल डेथ + परमानेंट डिसेबिलिटी (टोटल और पार्शियल), एक्सीडेंटल डेथ + परमानेंट टोटल डिसेबिलिटी और एक्सीडेंटल डेथ + परमानेंट डिसेबिलिटी (टोटल और पार्शियल) + टेम्पररी डिसेबिलिटी (टोटल+पार्शियल)। एडिशनल ऐड-ऑन हॉस्पिटल के खर्चे और एम्बुलेंस चार्जेज (एयर एम्बुलेंस शामिल) को कवर करते हैं।

नोट: एक एक्स्ट्रा अडॉप्टेशन अलाउंस प्लान भी है जिसे क्लब किया जा सकता है जहां कंपनी एक्सीडेंट की वजह से ख़राब हुए घर या गाड़ी को ठीक करने या बनाने के लिए थोड़ा अमाउंट देती है। हर प्लान में कवरेज की कुछ लिमिट्स होती हैं। कुछ चीजें ऐसी हैं जिन्हें प्लान में कवर नहीं किया गया है और आपको उनके बारे में जानना चाहिए। किसी भी तरह का सुसाइडल एटेम्पट, शराब या ड्रग्स की लत, डिसेबिलिटी या इंजरीज जो किसी क्रिमिनल एक्ट / वॉर / नुक्लेअर वेपन्स / आर्म्ड फोर्सेज के वजह से हुई हो। डिटेल्ड इनफार्मेशन के लिए कंपनी के वेबसाइट के टर्म्स और कंडीशंस पेज को पढ़ा जा सकता है।