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यूनाइटेड इंडिया पर्सनल एक्सीडेंट इन्शुरन्स
  • 100+ शीर्ष इन्शुरन्स प्लान
  • 5 लाख रुपये का कवरेज @ ₹16/प्रतिदिन*
  • तुरंत पॉलिसी खरीदें

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यूनाइटेड इंडिया इन्शुरन्स कंपनी (जो भारत सरकार के अधीन है) 16000 + करोड़ रुपये के प्रीमियम के साथ भारत की दूसरी सबसे बड़ी जनरल इन्शुरन्स कंपनी है। इसे 18 फरवरी 1938 में शुरू किया गया और 1972 में नेशनलाइज़्ड कर दिया गया था। पहले यह जनरल इन्शुरन्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (जीआईसी) की सहायक कंपनी थी। लेकिन जब आईआरडीए एक्ट 1999 की वजह से जीआईसी फिर से इन्शुरन्स कंपनी के रूप में रजिस्टर्ड हुई, तब इसकी चार प्राथमिक इन्शुरन्स सहायक कंपनियां न्यू इंडिया एश्योरेंस, यूनाइटेड इंडिया इन्शुरन्स, ओरिएंटल इन्शुरन्स और नेशनल इन्शुरन्स अलग हो गयीं।

एक्सीडेंट होने पर एक ही पल में उस व्यक्ति का पूरा परिवेश और उससे जुडी तमाम चीजें मानों बिखर सी जाती हैं। हम ये नहीं कह सकते के अगले पल क्या होने वाला है लेकिन हम सब जानते हैं या तो सबसे अच्छा या बुरा हो सकता है। कभी-कभी हम लापरवाह होते हैं और कभी-कभी दूसरे, मगर इसकी वजह से जो नुकसान होता है उसकी भरपाई नहीं की जा सकती। यूनाइटेड इंडिया पर्सनल एक्सीडेंट पॉलिसी का लक्ष्य है एक्सीडेंट की वजह से होने वाली सभी तरह की चोटों या डेथ को कवर करना। हम होनी को तो नहीं टाल सकते, लेकिन ख़राब समय से बचने के लिए अगर अच्छी स्ट्रेटेजी और प्लानिंग की जाये तो कम से कम खुद को बचाये रखा जा सकता है। 1938 से यूनाइटेड इंडिया इन्शुरन्स कंपनी लिमिटेड इन्शुरन्स के क्षेत्र में लीडर है। कंपनी भारत में फैले अपने 1340 ब्रांचेज की मदद से 1 करोड़ से अधिक ग्राहकों की जरूरतों को ट्रांसपेरेंट और बेनेफिशियल प्लान्स से पूरा कर रही है। कंपनी नयी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही है और एक सरल डॉक्यूमेंट सिस्टम भी अपने कस्टमर्स को रही है।

यूनाइटेड इंडिया पर्सनल एक्सीडेंट इन्शुरन्स: अचीवमेंट्स

यूनाइटेड इंडिया इन्शुरन्स कंपनी लिमिटेड के क्लेम सेटलमेंट के लगातार 3 सालों के अच्छे रिकॉर्ड को देखते हुए ऑयसीआरए (इन्वेस्टमेंट इनफार्मेशन एंड क्रेडिट रेटिंग एजेंसी) ने उन्हें "iAAA" रेटिंग दी है। यह रेटिंग कंपनी के हाई क्लेम सेटलमेंट एबिलिटी, स्ट्रांग फंडामेंटल और फाइनेंसियल स्ट्रेंथ को दर्शाती है।

यूनाइटेड इंडिया पर्सनल एक्सीडेंट इन्शुरन्स प्लान

यूनाइटेड इंडिया इन्शुरन्स ने 2 तरह के पर्सनल एक्सीडेंट प्लान्स पेश किए हैं -

इंडिविजुअल पर्सनल एक्सीडेंट प्लान - यह एक पर्सनल एक्सीडेंट पैकेज प्लान है जिसके तहत पॉलिसी होल्डर की चोट की वजह से होने वाली डेथ या बॉडी पार्ट्स की पार्शियल डिसेबिलिटी को कवर किया गया है। यह अपनी तरह की एक अलग इन्शुरन्स कंपनी है जो 5 वर्ष से 70 वर्ष की आयु तक किसी भी व्यक्ति को कवर करती है। कंपनी एजुकेशन कवर भी देती है ताकि पॉलिसी होल्डर पर डिपेंडेंट बच्चों के एजुकेशन में कोई प्रॉब्लम ना आये।

ग्रुप पर्सनल एक्सीडेंट प्लान - ग्रुप पर्सनल एक्सीडेंट प्लान एक ग्रुप के मेंबर को कवर करता है जैसे की एक आर्गेनाइजेशन के सभी कर्मचारी। आपकी जरूरत, सिचुएशन, ग्रुप मेंबर्स की संख्या के आधार पर दो अलग-अलग प्लान्स में से एक चुनने का ऑप्शन है।

यूनाइटेड इंडिया पर्सनल एक्सीडेंट इन्शुरन्स प्लान: बेनिफिट्स

यूनाइटेड इंडिया पर्सनल एक्सीडेंट के तहत नीचे बताये गए बेनिफिट्स दिए जाते हैं-

  • एक्सीडेंट की वजह से होने वाले मेडिकल खर्चों को यूनाइटेड इंडिया पर्सनल एक्सीडेंट प्लान में कवर किया गया है।
  • परमानेंट पार्शियल डिसेबिलिटी जो किसी भी चोट और एक्सीडेंट के कारण होती है के लिए इन्शुरन्स अमाउंट के रूप में कैपिटल अमाउंट का 50% दिया जाता है।
  • एक्स्ट्रा प्रीमियम देकर आप मेडिकल खर्चे के लिए ज्यादा कवरेज का फायदा उठा सकते हैं।
  • कंपनी की कई इन्शुरन्स प्लान्स हैं जो एक्सीडेंट की वजह से होने वाले नर्सिंग के मेडिकल खर्च को कवर करती हैं।
  • आंख या किसी अन्य शरीर के अंग जैसे कि पैर या हाथ का पार्शियल या टोटल नुकसान पॉलिसी प्लान में कवर किया जाता है।
  • अस्पताल या नर्सिंग होम के रूम चार्जेज को पॉलिसी में कवर किया गया है।
  • प्लान में दो तरह के ऑप्शंस दिए गए है जैसे की 'ऑन ड्यूटी' जिसमें काम के घंटों के दौरान घायल होने पर और ऑफिस के बाहर रिस्ट्रिक्टेड घंटों में 'ऑफ ड्यूटी' के दौरान घायल होने पर कंपनी कवर देती है।
  • इस प्लान में पॉलिसी होल्डर की डेथ होने पर उनके बच्चों के एजुकेशन खर्चों को शामिल किया गया है।
  • किसी दूर जगह पर एक्सीडेंट होने पर पॉलिसी होल्डर को इलाज़ के लिए हॉस्पिटल तक लाने का ट्रांसपोर्टेशन खर्च कंपनी देती है।
  • प्लान में सालाना नो-क्लेम बोनस की फैसिलिटी भी है जिसके तहत बिना किसी एक्स्ट्रा प्रीमियम के इन्शुरन्स अमाउंट को बढ़ाया जा सकता है।

यूनाइटेड इंडिया पर्सनल एक्सीडेंट इन्शुरन्स प्लान: क्या शामिल नहीं किया गया है 

  • अगर पॉलिसी के दो या दो से ज्यादा सबक्लॉसेस के अंतर्गत पॉलिसी होल्डर क्लेम करना चाहे और वो भी एक ही समय पर तो कंपनी इसे कवर नहीं करेगी।
  • आत्महत्या के प्रयास में लगने वाली चोट, डेथ, या परमानेंट डिसेबिलिटी और अलकोहल या किसी ऐसे ड्रग का इस्तेमाल करना जिसे प्रोफेशनल डॉक्टर ने लेने की सलाह ना दी हो की वजह से होने वाले किसी भी नुकसान को पॉलिसी में कवर नहीं किया जायेगा और उसके एवज में किसी भी तरह का पेमेंट या कम्पेन्सेशन मान्य नहीं होगा।
  • किसी भी तरह के एडवेंचर्स स्पोर्ट्स जैसे की बंजी जंपिंग, बलूनिंग या हंटिंग एक्टिविटी में हिस्सा लेने के दौरान होने वाली डेथ या परमानेंट डिसेबिलिटी को पॉलिसी में शामिल नहीं किया गया है।
  • अगर पॉलिसी होल्डर एक स्टैण्डर्ड लाइसेन्सड टाइप एयरक्राफ्ट में ट्रेवल कर रहा हो चाहे पैसेंजर या मालिक की तरह तो इसे पॉलिसी में कवर नहीं किया जायेगा।
  • किसी भी तरह के वार, रेवोलुशन, कैप्चर, अरेस्ट, किसी फॉरेन एलिमेंट की वजह से चोट, डेथ, या डिसेबिलिटी को यूनाइटेड इंडिया इन्शुरन्स प्लान में कवर नहीं किया गया है।
  • आयोनाईजड रिएक्शन या न्यूक्लियर फ्यूल से निकले रेडियोएक्टिव सबस्टेंस की वजह से लगी किसी भी प्रकार की चोट को पॉलिसी में कवर नहीं किया गया है।
  • किसी भी तरह का नेचरोपैथी ट्रीटमेंट या कॉस्मेटिक करेक्शन जैसे की प्लास्टिक सर्जरी को पॉलिसी में कवर नहीं किया गया है।

किसी भी इन्शुरन्स पॉलिसी को लेने से पहले उसके बारे में अच्छे तरीके से रिसर्च करना बहुत जरूरी है क्योंकि ये ना केवल एक इन्वेस्टमेंट है बल्कि आपके और आपके प्रियजनो के लिए एक शील्ड की तरह काम करती है। पॉलिसी को अपनी जरूरत और सिचुएशन के हिसाब से लेना चाहिए।

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